आज के युग में मोबाइल लगभग सभी के जीवन का अभिन्न हिस्सा बन गए हैं. आज स्मार्ट फोन का जमाना है और हर किसी की इस तरफ तेजी से दिलचस्पी बढ़ती जा रही है. सभी उम्र के लोगों की उंगलियां स्मार्टफोन पर पूरे दिन थिरक रही हैं. स्मार्टफोन तो लोगों के लिए प्राणवायु ऑक्सीजन की तरह काम कर रहे हैं. स्मार्टफोन के प्रभाव को कुछ इस तरह समझ सकते हैं कि यह हमारे जीवन में आज चाबी और पर्स से भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो गए हैं. बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी) की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में लगभग 84 प्रतिशत स्मार्टफोन उपयोगकर्ता जागने के 15 मिनट के भीतर अपने फोन की जांच करते हैं. रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि जागने के समय का लगभग 31 प्रतिशत हिस्सा स्मार्टफोन पर व्यतीत होता है और लोग औसतन दिन में 80 बार अपने डिवाइस को चेक करते हैं. यह बहुत बड़ा और हैरान कर देने वाला आंकड़ा है. इस वजह से उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है जिस वजह से उन्हें जाने -अंजाने में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है. हालांकि इसकी सुविधाएं कई मायनों में सहायक हैं परंतु इसका अत्यधिक उपयोग सृजनात्...
तीन साल में चलाई जाएंगी 400 नई वंदे भारत ट्रेनें देश के आम और खास हर किसी की निगाहें कोरोना के साये में पेश हुए केंद्रीय बजट पर हैं। देशवासियों को रेल बजट को लेकर हमेशा खासा इंतजार रहता है क्योंकि निम्न और मध्यम वर्ग का देश की लाइफलाइन कही जाने वाली रेलवे के साथ गहरा रिश्ता है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में अपने भाषण में स्पष्ट कर दिया कि यह बजट ढांचागत सुधारों पर केंद्रित है। अपने बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने रेलवे के लिए कुछ नई परियोजनाओं की घोषणा की। पहले रेलवे के लिए अलग से बजट पेश होता था लेकिन पांच साल पहले इसे आम बजट में मिला दिया गया था। इस बजट में वित्तमंत्री ने आम यात्रियों से जुड़ी नई रेल सुविधाओं का एलान किया है। वित्तमंत्री ने कहा कि अगले तीन साल में 400 नई वंदे भारत ट्रेनें चलाई जाएंगी। और शहरी ट्रांसपोर्ट को रेलवे मार्ग से कनेक्ट किया जाएगा। इसके साथ ही गतिशक्ति मास्टर प्लान को भी सरकार नया रूप देगी। हालांकि बता दें कि वंदे भारत एक्सप्रेस को ट्रेन-18 के रूप में भी जाना जाता है। अपने बजट भाषण मे, वित्त मंत्री ने कहा कि एक उत्पाद एक रेल...