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डियर स्टूडेंट्स मोबाइल से थोड़ी दूरी है जरूरी!

आज के युग में मोबाइल लगभग सभी के जीवन का अभिन्न हिस्सा बन गए हैं. आज स्मार्ट फोन का जमाना है और हर किसी की इस तरफ तेजी से दिलचस्पी बढ़ती जा रही है. सभी उम्र के लोगों की उंगलियां स्मार्टफोन पर पूरे दिन थिरक रही हैं. स्मार्टफोन तो लोगों के लिए प्राणवायु ऑक्सीजन की तरह काम कर रहे हैं. स्मार्टफोन के प्रभाव को कुछ इस तरह समझ सकते हैं कि यह हमारे जीवन में आज चाबी और पर्स से भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो गए हैं.  बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी) की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में लगभग 84 प्रतिशत स्मार्टफोन उपयोगकर्ता जागने के 15 मिनट के भीतर अपने फोन की जांच करते हैं. रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि जागने के समय का लगभग 31 प्रतिशत हिस्सा स्मार्टफोन पर व्यतीत होता है और लोग औसतन दिन में 80 बार अपने डिवाइस को चेक करते हैं. यह  बहुत बड़ा और हैरान कर देने वाला आंकड़ा है. इस वजह से उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है जिस वजह से उन्हें जाने -अंजाने में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है. हालांकि इसकी सुविधाएं कई मायनों में सहायक हैं परंतु इसका अत्यधिक उपयोग सृजनात्...
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आमजन की रेल कितनी हुई खास : बजट 2022-23

  तीन साल में चलाई जाएंगी 400 नई वंदे भारत ट्रेनें देश के आम और खास हर किसी की निगाहें कोरोना के साये में पेश हुए केंद्रीय बजट पर हैं। देशवासियों को रेल बजट को लेकर हमेशा खासा इंतजार रहता है क्योंकि निम्न और मध्यम वर्ग का देश की लाइफलाइन कही जाने वाली रेलवे के साथ गहरा रिश्ता है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में अपने भाषण में स्पष्ट कर दिया कि यह बजट ढांचागत सुधारों पर केंद्रित है। अपने बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने रेलवे के लिए कुछ नई परियोजनाओं की घोषणा की। पहले रेलवे के लिए अलग से बजट पेश होता था लेकिन पांच साल पहले इसे आम बजट में मिला दिया गया था। इस बजट में वित्तमंत्री ने आम यात्रियों से जुड़ी नई रेल सुविधाओं का एलान किया है। वित्तमंत्री ने कहा कि अगले तीन साल में 400 नई वंदे भारत ट्रेनें चलाई जाएंगी। और शहरी ट्रांसपोर्ट को रेलवे मार्ग से कनेक्ट किया जाएगा। इसके साथ ही गतिशक्ति मास्टर प्लान को भी सरकार नया रूप देगी। हालांकि बता दें कि वंदे भारत एक्सप्रेस को ट्रेन-18 के रूप में भी जाना जाता है।  अपने बजट भाषण मे, वित्त मंत्री ने कहा कि एक उत्पाद एक रेल...

फिनटेक, इनोवेशन और शोध पर हो सकते हैं बजट में विशेष प्रावधान

कोरोना काल के बाद की भारतीय इकोनॉमी में फिनटेक वह सेक्टर है जो सबसे ज्यादा संभावनाओं वाला साबित हुआ। देश में पहले से ही मजबूत आईटी प्रोफेशनल्स और बड़ा घरेलू बाजार है जिसने इस सेक्टर को पनपने का बेहतरीन अवसर दिया है। बजट में इस सेक्टर को सरकार से काफी उम्मीदें हैं। भारत को तकनीकी आधारित इकोनॉमी में तब्दील होने के लिए सरकार ने पिछले वर्ष बजट में इस सेक्टर की सहूलियत के लिए कई कदम उठाए थे। डिजिटल भुगतान को बेहद आसान बनाते हुए समूचे वित्तीय सेक्टर में बड़े बदलाव की जमीन पहले ही तैयार हो चुकी है। फिनटेक फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी का एक रूप है। वित्तीय कार्यों में टेक्नोलॉजी के उपयोग को ही फिनटेक कहा जाता है। हालांकि फिनटेक एनबीएफसी के तौर पर अभी काम कर रहे हैं। पहले वह बैंक से फंड हासिल करते हैं और फिर बाद में उसे ग्राहकों के बीच देते हैं। फिनटेक कंपनियां इस साल बजट से कर राहत की उम्मीद कर रही हैं। कंपनियों का कहना है तरलता प्रभाव बढ़ाने के उपाय, खुदरा क्षेत्र में काम करने वाली एनबीएफसी के लिए कम लागत वाली फंडिंग, के साथ साथ जीएसटी और टीडीएस पर छूट की शुरुआत बजट में होनी चाहिए। स्पाइस मनी के संस...

बजट : क्या उम्मीदों को लगेगा बूस्टर डोज?

1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना चौथा बजट पेश करेंगी। जिस पर दो फैक्टर्स का असर देखने को मिल सकता है। पहला है पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव और दूसरा कोरोना की तीसरी लहर। केंद्रीय बजट एक वित्तीय लेखा जोखा भर नही है। यह एक अवसर है कि केंद्र सरकार अपनी नीतिगत राह का खाका तैयार करे। मोदी सरकार की जहाँ एक ओर 2025 तक पाँच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की आकांक्षा है। वहीं दूसरी ओर कोविड की तीसरी लहर और कोरोना के बढ़ते केसों के कारण सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियों का भी जोखिम है।  अर्थशास्त्रियों की माने तो सरकार का ध्यान बजट में चुनावी माहौल को देखते हुए लोकलुभावन हो सकता है जिसमें सरकार चुनावी राज्यों का सीधे जिक्र करने से बचेगी। इकोनॉमिस्ट और पूर्व चीफ स्टैटिस्टीशियन ऑफ इंडिया के अनुसार बजट में बड़ी संख्या में वादे शामिल होने की उम्मीद है।      सरकार को अपने वित्तीय घाटे को कम करने के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश(FDI), संपत्तियों का मौद्रीकरण और विनिवेश के जरिए फंड को जुटाने का लक्ष्य होगा। तो वहीं उधोग,अवसरंचना, स्वास्थ्य, शिक्ष...