आज के युग में मोबाइल लगभग सभी के जीवन का अभिन्न हिस्सा बन गए हैं. आज स्मार्ट फोन का जमाना है और हर किसी की इस तरफ तेजी से दिलचस्पी बढ़ती जा रही है. सभी उम्र के लोगों की उंगलियां स्मार्टफोन पर पूरे दिन थिरक रही हैं. स्मार्टफोन तो लोगों के लिए प्राणवायु ऑक्सीजन की तरह काम कर रहे हैं. स्मार्टफोन के प्रभाव को कुछ इस तरह समझ सकते हैं कि यह हमारे जीवन में आज चाबी और पर्स से भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो गए हैं. बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी) की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में लगभग 84 प्रतिशत स्मार्टफोन उपयोगकर्ता जागने के 15 मिनट के भीतर अपने फोन की जांच करते हैं. रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि जागने के समय का लगभग 31 प्रतिशत हिस्सा स्मार्टफोन पर व्यतीत होता है और लोग औसतन दिन में 80 बार अपने डिवाइस को चेक करते हैं. यह बहुत बड़ा और हैरान कर देने वाला आंकड़ा है. इस वजह से उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है जिस वजह से उन्हें जाने -अंजाने में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है. हालांकि इसकी सुविधाएं कई मायनों में सहायक हैं परंतु इसका अत्यधिक उपयोग सृजनात्...